Saturday, 21st October, 2017

चलते चलते

"टुकड़े-टुकड़े करके कुत्तों को खिला देंगे" वाली लाइन बदलेंगे किडनैपर, न्यू ईयर रेजोल्यूशन

02, Jan 2017 By Pagla Ghoda

मुम्बई. साउथ एशियाई किडनैपर असोसिएशन (SKIN) ने नए साल में ये रेजोल्यूशन लिया है कि वे अब किसी भी फिरौती वाली कॉल पे “टुकड़े-टुकड़े करके कुत्तों को खिला दूंगा” वाली लाइन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। किडनैपर्स की इमेज को बेहतर बनाने के लिए SKIN की एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी ये कड़ा कदम उठाया है।

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देवीप्रसाद को धमकी देते किडनैपर राजू, श्याम और बाबू भैय्या

SKIN के लीगल काउंसलर और मशहूर वकील श्री चम्पूज़ चौकबंदी ने स्काइप इंटरव्यू पर फेकिंग न्यूज़ से बात की, उन्होंने कहा, “दुःखद बात ये है कि बॉलीवुड ने हमारी इमेज कुछ ज़्यादा ही ख़राब कर रखी है। किडनैपर को आम तौर पर गुंडा-मवाली टाइप का आदमी दिखाया जाता है, जिसकी शर्ट के बटन खुले रहते हैं, खैनी खाता है, और मारुती ओमनी में छोटे बच्चों को उठा के चला जाता है। जबकि सच्चाई ये है कि सन 1985 के बाद से पूरे भारतवर्ष में कोई भी किडनेपिंग मारुती ओमनी में नहीं हुई है। हाल ही में एक अच्छी फिल्म बनी थी किडनैपर्स के जीवन पर ‘फँस गए रे ओबामा’, परंतु उसमे भी सबसे खूंखार किडनैपर को भयंकर बवासीर हो रखी है। This is just ridiculous! लोग कब ये समझेंगे कि किडनैपिंग भी एक बिज़नेस ही है और हमारे भी कुछ उसूल हैं, आदर्श हैं। हमारा भी दिल है।” कहते-कहते श्री चौकबंदी जी का गला भर आया।

गरमागरम अदरक वाली चाय की कुछ चुस्कियां लेने के बाद चौकबंदी जी ने आगे बोलना शुरू किया, “अब से किसी भी रैनसम कॉल पे हम लोग कोई भी आड़ी-टेढ़ी लाइन्स नहीं बोलेंगे। जैसे टुकड़े-टुकड़े करके कुत्तों को खिला दूंगा, या काली पहाड़ी के पीछे माल ले के पहुँच जाना या खबरदार जो पुलिस को खबर की। ये सब बकवास है, हम किडनैपर्स भी पढ़े-लिखे समझदार लोग हैं। We are not savages you see!”

ठण्ड होने की वजह से चौकबंदी जी ने अपनी मंकी कैप पहन ली और आगे बोले, “अब मैंने ये मंकी कैप पहन ली है तो आप ये मत समझियेगा कि किडनैपर्स मंकी कैप पहनते हैं। यहाँ मनाली में ठण्ड बहुत है, इसलिए पहनी है। और ये किडनैपर्स की ‘आन-दी-जॉब’ मंकी कैप भी मैं बंद करवाने वाला हूँ। स्टाइलिश हैट्स पहनिए, अरमानी गूची का कोट पहनिए, फटी हुई बुशर्ट नहीं!”

इंटरव्यू ख़तम करते हए श्री चौकबन्दी बोले, “अच्छा अब इजाज़त चाहूंगा, एक सिचुएशन आन पड़ी है, जहाँ किडनैप हुए बच्चे का पिता सौ-सौ के नोटों में रैनसम देने से मना कर रहा है। कह रहा है बच्चे को जो करना है करो पर सौ-सौ के नोट में पेमेंट मैं नहीं करुंगा। बताइये, क्या कलजुग आ गया है!”



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