Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

चौबीस घण्टे से तैमूर की कोई ख़बर नहीं मिली तो सैफ़ का डुप्लिकेट बनकर सैफ़ के घर घुसा पत्रकार

15, Jan 2018 By banneditqueen

एजेंसी. ख़बरों की दौड़ ऐसी है ग़ालिब की साँस छूट जाए मगर ख़बर ना छूटे! बीते दिनों इसी बात को सच करते हुए APP न्यूज़ के पत्रकार ने सारी हदें पार कर दीं। वो सैफ़ अली खान का डुप्लिकेट बनकर तैमूर की ख़बर लेने के लिए सैफ़ के घर में घुस गया। तैमूर की ख़बर जनता के लिए किसी टिंडे की सब्ज़ी से कम नहीं है, जो आये दिन हमारी थाली में प्रस्तुत हो जाती है। लेकिन क्या हो, जब आपके संवादाता आपको तैमूर की ख़बर देने में नाकाम हो जाए? तब आप क्या करेंगे?

घरवालों से पहले पहुंचा मीडिया
घरवालों से पहले पहुंचा मीडिया

ऐसा ही हुआ जब करीना कपूर खान ने आए दिन तैमूर की ख़बरों से तंग आकर अपने घर में न्यूज़ रिपोर्टर्स की एंट्री ही बंद कर दी। लेकिन एक बार आप यमराज से तो बच सकते हैं लेकिन न्यूज़ रिपोर्टर से नहीं! ऐसे ही APP न्यूज़ के एक होनहार पत्रकार पोपटलाल, सैफ़ अली खान का भेस बदल कर उनके घर में घुस गए और तैमूर की ख़बर ले आए।

पोपट ने हमसे बातचीत की और पूरा क़िस्सा सुनाया। पोपट ने कहा, “जब करीना ने पत्रकारों का आना-जाना बंद कर दिया तब हमारे न्यूज़ चैनल पर मानो ख़बरों का अकाल पड़ गया था। हाल इतने बिगड़ गये कि हमें अपना दफ़्तर छोड़ गली-गली ख़बरें खोजनी पड़ रही थी। एक दिन तो हमें सही में लॉजिकल ख़बर दिखानी पड़ी। बस तभी मेरे बॉस ने बोला कि पोपट इस महीने की सैलरी चाहिए तो कुछ भी करो मगर तैमूर की खबर लेके आओ। बस मैंने ठान लिया कि चाहे हिमालय पर्वत क्यूँ ना उठाना पड़े मगर तैमूर तक पहुँच के ही रहूँगा! और मैंने सैफ़ का वेष धारण कर लिया और ‘वाउ-वाउ’ करते उनके घर में घुस गया। मैं रोज़ सैफीना के घर से सबको ख़बर दे रहा था मगर बात वहाँ बिगड़ी जब शूटिंग पर अफ़्रीका गए छोटे नवाब ने करीना को फ़ोन कर दिया। उसके बाद उन्होंने मुझे कुत्तों की तरह पीट कर वहाँ से भाग दिया। लेकिन फिर भी मैंने अपने चैनल को साल भर का मसाला और तैमूर की ख़बर दे ही दी।”

माना जा रहा है कि पोपटलाल एक बार शाहरुख़ का भेस धारण करके कारण जौहर की ख़बर लेने उनके घर गया था। जिसके बाद पोपट को पीठ के दर्द की वजह से तीन-चार दिन हॉस्पिटल में बिताने पड़े थे। वहाँ भी उनको मार ही पड़ी थी।

इस ख़बर की भाग-दौड़ की शिकायत कई बॉलीवुड माँओ ने की है। एक माँ (नाम गुप्त) ने तो यहाँ तक बताया कि मेरे बच्चे के रोने की ख़बर मुझसे पहले न्यूज वालों को पता चल जाती थी और वो तुरंत टीवी पर भी दिखने लगती थी।

ख़बरों का स्तर इतना गिर गया है कि पाकिस्तान का स्तर भी ऊँचा लगने लगा है। लेकिन छोड़िए! जब तक ये न्यूज़ चैनल ख़बरों से दंगे नहीं भड़का रहे, तब तक हम तैमूर तो क्या तुषार कपूर की ख़बरें भी देख लेंगे।



ऐसी अन्य ख़बरें