Monday, 27th March, 2017
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दस साल से नींद ना आने की बीमारी से ग्रस्त मरीज़, मोहंजोदारो के पहले दस मिनट में ही सोया

26, Aug 2016 By Pagla Ghoda

मुंबई. लोअर परेल के एक शख्स कुम्भकर्ण कक्कर के घर उस समय मिठाइयां बंट गयीं, जब ये पता चला कि दस साल तक न सोने की बीमारी से ग्रसित कुम्भकर्ण मोहंजोदारो फिल्म के शो के दौरान लगभग तीन घंटे तक सोया।

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सिनेमा हॉल में सोते लोगों को चेक करती चानी

कुम्भकर्ण के मित्र जरासंघ जांघिया ने फेकिंग न्यूज़ को बताया, “जब हम सिनेमा हॉल पहुचे तो देखा कि पूरा हॉल खाली है तो हम लोग पीछे वाली सीटों पे आराम से पसर लिए। फिल्म में दस मिनट तक कुछ भूमिका बाँधी जा रही थी, तो हमें उबासियाँ आने लगीं। तभी मैंने बाजू वाली सीट पे देखा कि कुम्भी तो खर्राटे मार रहा है। मेरी तो फटी की फटी रह गयीं- आंखें! क्योंकि कुम्भी को तो कई कई दिनों तक नींद नहीं आती थी। लाख दवा दारु करवाने के बावज़ूद उसकी ये बीमारी ठीक होने का नाम ही नहीं ले रही थी लेकिन वो तो यहाँ आते ही पुरज़ोर खर्राटे मारने लगा।”

“मैंने तुरंत ही उसके मम्मी-पापा, भाई-बहन, अड़ोसी-पडोसी सबको फ़ोन घुमा डाला। उसका सोते हुए का वीडियो बनाके अपने दोस्तों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर कर दिया। थोड़ी देर बाद मैंने उसे यू-ट्यूब पे भी अपलोड कर दिया, जिसके कि अभी तक पचास हज़ार व्यू हो चुके हैं। भाईसाहब अपना कुम्भी तो वायरल हो गया, और ये सब कुछ हुआ है इस बढ़िया फिल्म मोहंजोदारो की बदौलत, जिसने वो कर दिखाया जो दुनिया भर के डॉक्टर ना कर सके।”

निद्रा विशेषज्ञ तनीष तकियाबिस्तरवाला भी इस हादसे को मेडिकल साइंस का एक चमत्कार ही मान रहे हैं। उन्होंने बताया, “कुम्भी मेरा एक ख़ास मरीज़ है, जो कि ‘Acute insomnia’ नामक बीमारी से ग्रस्त है। इस बीमारी में मरीजों को कई सालों तक नींद नहीं आती। वो रातों को या तो बिस्तर पर करवटें बदलते हैं या फिर सारी रात इन्टरनेट पर लगे रहते हैं। इसी बीमारी का ज़िक्र हॉलीवुड मूवी “फाइट क्लब” में भी किया गया था। वो ज़ायेद खान वाली कल्ट क्लासिक फाइट क्लब नहीं, हॉलीवु़ड वालों की फालतू सी फाइट क्लब!”

“उस फिल्म में एडवर्ड नॉर्टन रातों को ना सो पाने की वजह से एक द्वितीय काल्पनिक व्यक्ति ब्रैड पिट (टाइलर दर्दन) बन जाता है, जो खुद से ही मुक्के बाज़ी करता है। जब वो टाइलर दर्दन बनता है तो उसका चेहरा मोहरा भी काफी बदल जाता है। तो आप देख सकते हैं कि ये बीमारी कितनी खतरनाक हो सकती है। भला हो ऋतिक रोशन और उनकी इस हद बोरिंग फिल्म मोहंजोदारो का, जिसने इतनी भयंकर बीमारी वाले मरीज़ को भी फट से सुला दिया। मैंने तो इस मूवी की कुछ सीडीज़ भी मंगवा ली हैं, जो अब मैं अपने हर मरीज़ को दूंगा।” डॉकसाब ने कहा।

हालाँकि ऋतिक रोशन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन कबीर बेदी ने स्वीकार किया कि वो इस फिल्म को सिर्फ इसलिए देखने गए थे क्योंकि देखना चाह रहे थे कि लंबे सींगो वाली टोपी में वो कैसे लगते हैं, पर वो भी पंद्रह मिनट से ज़्यादा टिक नहीं पाए और मूवी ख़तम होने के ढ़ाई घंटे बाद ही सोकर उठे।



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