Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

रुक-रुककर फ़ायरिंग कर रही हैं कंगना रनौत, रक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे ऋतिक रोशन

04, Sep 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली/मुंबई. देश को नया रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के रूप में हाथ लग गया है, लेकिन निर्मला जी को पद ग्रहण करते ही एक बड़ा टास्क मिल गया है। कल ही ऋतिक रोशन अपने पापा के साथ रक्षा मंत्री के ऑफिस पहुँच गए और उनसे मदद की अपील करने लगे। दरअसल, ऋतिक पिछले कुछ महीनों से बिना उकसावे के होने वाली फायरिंग से परेशान हैं। कंगना रनौत आए दिन टीवी और अख़बार में ऋतिक को निशाना बनाकर गोलाबारी कर रही हैं। वो कुछ दिन चुप बैठती हैं लेकिन अचानक फिर से ऋतिक के खिलाफ मोर्चा खोल देती हैं। यानि कि रुक-रुककर फायरिंग चलती रहती है।

Kangana-Hrithik
लगातार हो रही गोलीबारी से ऋतिक का हाल

बस, इसी बात से परेशान ऋतिक अपने पापा को साथ लेकर रक्षा मंत्री जी से मिलने पहुंच गए। उन्हें लगता है कि अब निर्मला सीतारमण ही उन्हें इस संकट से निकाल पाएंगी। रणभूमि के ताज़ा हालात के बारे में जानकारी देते हुए ऋतिक ने रक्षा मंत्री जी को बताया कि, “मैं तो चुप रहता हूँ, जवाबी कार्रवाई भी नहीं करता। फिर भी वो चुप नहीं होती, वो बार-बार बॉर्डर पार कर जाती है, और संघर्ष विराम का उल्लंघन करती है।”

“इस गोलाबारी की चपेट में मेरे घरवाले और दोस्त भी आ चुके हैं। वो साइबर अटैक भी करती है, और स्विटज़रलैंड एग्रीमेंट का पालन भी नहीं करती, जिस पर हम दोनों ने दस्तखत किए थे। अब आप ही कुछ कीजिए, हम बहुत उम्मीद लगाकर आए हैं आपके पास!” -ऋतिक ने हाथ जोड़ते हुए कहा।

यह देखकर निर्मला जी उठीं और ऋतिक को भरोसा दिलाते हुए बोलीं कि, “हिम्मत रखो! वैसे तो आज मेरा पहला दिन है, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मैं जल्द ही कोई ठोस कदम उठाऊंगी।” रक्षा मंत्री से आश्वासन मिलने के बाद दोनों ‘रोशन’ वहां से चलते बने। लेकिन अब ये लड़ाई बहुत विकराल रूप ले चुकी है। अब इसमें कंटेंट राइटर, पीआर एजेंसी और हैकर्स भी शामिल हो गए हैं, जो एक-दूसरे के ख़िलाफ़ योजना बनाते रहते हैं। इसके अलावा कई दर्जन वकील भी हैं, जो सिर्फ नोटिस का आदान-प्रदान करते रहते हैं।

उधर, कंगना को जैसे ही पता चला कि ऋतिक, रक्षा मंत्री से मदद मांगने गए थे, तो उन्होंने बयान जारी करके कहा कि, “मदद की जरूरत तो मुझे है, क्योंकि मैं एक साथ दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रही हूँ, ऋतिक से और परिवारवाद से! मुझे एक साथ दोनों तरफ़ ध्यान देना पड़ता है!” अब देखना होगा कि नयी रक्षा मंत्री इस समस्या से कैसे निपटती हैं।



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