Thursday, 21st September, 2017

चलते चलते

बॉलीवुड की हर दूसरी फ़िल्म में हीरो का दोस्त मुसलमान ही क्यूँ होता है? -सर्वे में सामने आई सच्चाई

13, Jul 2017 By बगुला भगत

एजेंसी. बॉलीवुड की फ़िल्मों में आपने अक्सर देखा होगा कि हीरो का जिगरी दोस्त कोई ना कोई मुस्लिम कैरेक्टर होता है। जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (AIISS) के एक सर्वे में कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं।

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बॉलीवुड के हिंदू-मुस्लिम दोस्त

AIISS के इस सर्वे के मुताबिक, जितने हिंदू-मुस्लिम दोस्त हमारी फ़िल्मों में दिखते हैं, असल ज़िंदगी में उतने हैं नहीं! ऑफ़ कोर्स, वे दोस्त होते हैं लेकिन उनका रेशो (Ratio) उतना नहीं है, जितना हमारी फ़िल्मों में दिखाया जाता है। लड़कों के 100 ग्रुप्स में सिर्फ़ दो-चार ग्रुप ही ऐसे होते हैं, जिनमें हिंदुओं के साथ कोई मुसलमान दोस्त भी होता है। और लड़कियों के मामले में तो यह प्रतिशत और भी कम है।

इस सर्वे के सुपरवाइजर बिकास मोहंती से जब हमने पूछा कि “बॉलीवुड वाले ऐसा क्यूँ करते हैं?” तो उन्होंने कंधे उचकाते हुए कहा- “शायद अपनी फ़िल्मों को हिट कराने के लिये! चूंकि मुसलमान खाली रहते हैं और हिंदुओं से ज़्यादा फ़िल्में देखते हैं इसलिये बॉलीवुड वालों को मुस्लिम कैरेक्टर रखने पड़ते हैं। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन वो इससे समाज का भला ही कर रहे हैं।”

“और जितने मुसलमान पुलिस अफ़सर फ़िल्मों में हैं, अगर सच में उतने हो जायें तो मुसलमानों की बेरोज़गारी की प्रॉब्लम दूर हो जायेगी।” -मोहंती ने हँसते हुए कहा।

उधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस सर्वे के आते ही बवाल मचा दिया है। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने अपनी ट्रेडमार्क उंगली दिखाते हुए कहा कि “इसके पीछे बहुत बड़ी साज़िश है। मुसलमानों को अच्छी हालत में दिखाने के लिये दाऊद और सऊदी अरब से पैसा आता है।” फिर वो बॉलीवुड वालों को धमकाते हुए बोले कि “इन्हें ज़्यादा अच्छी हालत में दिखाया, तो अच्छा नहीं होगा!”



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