Saturday, 16th December, 2017

चलते चलते

फ़ेकिंग फ़िल्म रिव्यूः बद्रीनाथ की दुल्हनिया

10, Mar 2017 By बगुला भगत

पिच्चर का स्टोरी-विस्टोरी तो हम बाद में बताएंगे। सबसे पहले तो हम बॉलीवुड के डायरेक्टर लोगों से पूछते हैं कि ये ऐन फेरों के टैम पे लड़की के भागने का सिस्टम कब बंद करोगे भाई? साला, हर दूसरी पिच्चर में यही होता है। लगन-सगाई और शादी के बीच में खूब लंबा टैम होता है, अगर भागना ही है तो तब भागो। कम से कम दोनों पार्टियों का खर्चा तो बचेगा- हलवाई का, टेन्ट का, सजावट का, गहनों का और कपड़े-लत्तों का!

Badrinath
लंगूर के कंधे पे हूर!

अगर सच्ची में किसी शादी में फेरों के टैम पे लड़की भाग जाये ना, फिर देखो वहां कैसा खून-खच्चर होता है! और यहां हमारा हीरो उस भागने वाली हीरोइन के साथ सिंगापुर में क्लब में डांस कर रहा है, दारू पीकर मज़े कर रहा है। सिंगापुर का दो दिन और तीन रात का सस्ते से सस्ता पैकेज भी लाख से कम का नहीं पड़ता और ये हमारा हीरो…सूदखोर बाप का लौंडा वहां 20 दिन रहता है। पैसे कौन दे रहा है भाई?

और पूरी पिच्चर में साला हमें पता ही नहीं चलता कि ये लौंडा है कहां का- झांसी का कि दादर का? कभी पुरबिया बोली बोलने लगता है तो कभी मुंबईया। और वो राजस्थानी लौंडिया भी ‘बहुत घटिया हरकत किये हो’, ‘खा लिये हैं’, ‘सो लिये हैं’ बोलती रहती है! भोत कन्फ्यूजन है डायरेक्टर साब!

वैसे, अच्छा किया आलिया फेरों से पहले भाग गयी। नहीं तो डायरेक्टर शशांक खेतान पे बाल-विवाह का केस चल जाता। लेकिन खेतान साब भी मास्टर आदमी हैं साब! उन्हें मालूम है कि राजस्थान में बाल विवाह होते रहते हैं, इसलिये लोकेशन कोटा में रख ली और इस रोल के लिये बच्ची सी दिखने वाली आलिया को साइन कर लिया।

और वरुण धवन? एक्चुअली, वरुण ने अपने पापा डेविड धवन और गोविंदा की इत्ती पिच्चरें देख लीं कि वो गोविंदा को घोट के पी गया। और शायद पापा के साथ-साथ वरुण की मम्मी भी गोविंदा के बारे में ही सोचती रहती थीं. इसी वजह से वो गोविंदा पे चला गया- पूरी तरह!

खेतान साब ने पिच्चर में कोटा का ‘सेवेन वंडर्स पार्क’ भी दिखाया है लेकिन हम तब तक नहीं मानेंगे कि पिच्चर की शूटिंग कोटा में हुई है, जब तक हमें कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट या हॉस्टल का सीन नहीं दिखाओगे। और हमें वो झांसी का लौंडा भी झांसी का नहीं लगता। वो लंबी कार ले के पूरे सिंगापुर में ऐसे दनदनाता घूम रहा है, जैसे कोई झांसी से ग्वालियर जा रहा हो।

अब लास्ट में थोड़ी सी स्टोरी भीः दसवीं पास बद्रीनाथ बंसल (वरुण) अपने रईस साहूकार बाप के कर्ज़ों की वसूली का काम करता है। एक शादी में वो कोटा जाता है और वहां वैदेही त्रिवेदी (आलिया) को देखकर उस पर लट्टू हो जाता है और शादी का प्रस्ताव रख देता है। वैदेही शादी नहीं करना चाहती और फेरों से पहले भाग जाती है और एयर होस्टेस बनने सिंगापुर पहुंच जाती है। आगे क्या होता है? ये जानने के लिये इस दुल्हनिया को…मेरा मतलब पिच्चर को देखो! पिच्चर सच्ची में पैसा वसूल है और इसमें एक सोशल मैसेज का डीजे भी है। इसलिये इसे हमारी ओर से शगुन के तीन लड्डू- Laddoo3



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