Wednesday, 29th March, 2017
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बुढ़ापे में ही भारत का रास्ता कैसे पता चलता है हॉलीवुड वालों को, रिसर्च से हुआ खुलासा

26, Jan 2017 By बगुला भगत

एजेंसी. हॉलीवुड स्टार जैकी चैन पिछले दिनों अपनी फ़िल्म ‘कुंग फू योगा’ के प्रमोशन के लिये भारत आये हुए थे। चैन ने कहा कि मुझे इंडिया और इंडिया के लोग बहुत अच्छे लगते हैं और अब मैं बार-बार भारत आऊंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इंडिया का वड़ा पाव बहुत पसंद है।

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अब साइकिल पे बिठा लो या गधे पे

जैकी चैन की उम्र अब 62 साल है और उनसे पहले भी हॉलीवुड के जो भी एक्टर, सिंगर या डांसर भारत आये हैं, ज़्यादातर बुढ़ापे में ही आये हैं। इसलिये लोग हैरान थे कि हॉलीवुड वालों को भारत आने का रास्ता बुढ़ापे में ही क्यूं पता चलता है।

यह एक रहस्य बना हुआ था कि 50 साल से पहले उन्हें कैसे पता नहीं चल पाता कि भारत दुनिया के किस हिस्से में है। और पचास के बाद अचानक कैसे पता चल जाता है और अचानक ‘आई लव इंडियन कल्चर’, ‘आई लव इंडियन फूड’, ‘आई लव इंडियन  फ़िल्म्स’ बोलने लगते हैं।

अधिकांश लोग अभी तक यह मानते थे कि जब उन्हें बुढ़ापे में हॉलीवुड में काम मिलना बंद/कम हो जाता है, तो वे अपनी ‘वृद्धावस्था पेंशन’ का जुगाड़ करने इंडिया चले आते हैं क्योंकि नाचने-कूदने और फॉरेन में घूमने के बदले करोड़ों रुपये बॉलीवुड के अलावा दुनिया में और कहां मिलेंगे!

लेकिन अमेरिका की बर्कले यूनिवर्सिटी के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर’ (IHB) की रिसर्च में इस रहस्य से परदा उठ गया है। इस रिसर्च में पता चला है कि ऐसा हॉलीवुड के लोगों के दिमाग़ की संरचना की वजह से होता है। उनके दिमाग़ की बनावट कुछ ऐसी है कि उन्हें पूर्व दिशा में स्थित चीज़ों का ठीक-ठाक अनुमान नहीं लग पाता। लेकिन जैसे ही वे अधेड़ होने लगते हैं तो उनका दिमाग़ पूर्व दिशा की ओर एक्स्ट्रा-सेंसिटिव हो जाता है। फिर उन्हें उन देशों का रास्ता भी साफ़-साफ़ दिखाई देने लगता है, जो दुनिया के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं।

आईएचबी के डायरेक्टर टॉम स्टेलन ने कहा कि “हालांकि, हमें इस बारे में अभी और रिसर्च करने की ज़रूरत है कि ऐसा बुढ़ापे में ही क्यूं होता है। इसके लिये हम इंडिया घूमकर आ चुके कुछ सेलेब्रिटीज के दिमाग़ का अध्ययन करने वाले हैं।”



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