Thursday, 21st September, 2017

चलते चलते

'Finding dory' देखने के बाद अपनी मछलियों को समंदर में छोड़ रहे हैं लोग

24, Jun 2016 By banneditqueen

मुंबई. पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई ‘फाइंडिंग डोरी’ को देखकर लोगों के दिलों में ज़बरदस्त ‘मत्स्य-प्रेम’ जाग उठा है। चेंबूर में रहने वाली चार साल की बच्ची रिया ने जब से ‘फाइंडिंग डोरी’ देखी है, तब से उनके आँसू रुक नहीं रहे।

Dory
समंदर में अपने परिवार के साथ खुशहाल डोरी

रिया ये सोच सोच कर परेशान है कि “डोरी जैसी कितनी मछलियाँ होंगी, जो अपने परिवार वालों से अलग होकर एक्वेरियमों में रह रही होंगी। और अगर उनमें से किसी मछली को डोरी जैसी भूलने की बीमारी हुई तो वो अपनी फ़ैमिली से कैसे मिलेगी!” -यह सोचकर रिया रोने लगी।

अपनी बेटी को रोता देख रुचिका से रहा नहीं गया। वो रिया को लेकर घर से निकलीं और उनके घर के आसपास एक्वेरियम की जितनी भी दुकानें थी, उनके सारे एक्वेरियम खरीद लिये और उनकी सारी मछलियाँ निकालकर समुद्र में डाल दीं।

घर लौटकर रुचिका ने ट्वीटर पर #ReuniteDory नाम का हैशटैग और फ़ेसबुक पर ‘WeStandsWithDory’ पेज बनाकर लोगों को जागरुक करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते उनके पड़ोसी और सहेलियां सब इस मुहिम में शामिल हो गये। अपने परिवार से बिछुड़ी मछलियों को उनके परिवार वालों से मिलाना एक धर्म बन गया। लोग दूसरों के घरों से भी मछलियों को चुरा-चुराकर समंदर में छोड़ने लगे।

धीरे धीरे अब पूरे देश में मछलीघरों से सारी मछलियों को आज़ाद करने की माँग उठने लगी है। लोग मछलीघरों के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ लोग अन्न-जल त्याग कर भूख हड़ताल पर बैठ गये हैं। हालाँकि केंद्र सरकार इस माँग को अनुचित ठहरा रही है और उसने सभी मछलीघरों के सामने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिये हैं।



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