Sunday, 24th September, 2017

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नोटबंदी के कारण गब्बर पर से हटाया गया पचास हज़ार का ईनाम, रामगढ़ में धाक हुई कम

18, Nov 2016 By Pagla Ghoda

रामगढ़. अपने ज़माने के मशहूर डाकू गब्बर सिंह वल्द हरी सिंह आजकल काफी गहरे सदमे में हैं। कारण यह कि जन्म-जन्मांतर से उनके सर पे रखा गया ‘पूरे पचास हज़ार’ का इनाम हटा लिया गया है। इससे उनकी तगड़ी ब्रांड इमेज को काफी गहरा आघात पहुंचा है। इस पर ईनाम बांटने वाले सरकारी विभाग का कहना है कि “रामगढ़ का कोई भी बंदा ऑनलाइन पेमेंट लेने को तैयार नहीं हैं और विभाग के पास सौ-सौ के इतने नोट नहीं हैं कि उससे पूरे पचास हज़ार का इंतज़ाम हो सके। तो अगर किसी रामगढ़ वाले ने गब्बर को पकड़वा भी दिया तो ईनाम की राशि देना संभव नहीं होगा, इसलिए उसे पोस्टर से हटा लिया गया है।”

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अपने ईनाम वाले पोस्टर को देखते श्री गब्बर सिंह

गब्बर के पुराने वफादार सेक्रेटरी समर्थ भसीन उर्फ़ सांभा ने बताया कि “उस दिन हमेशा की तरह सरदार ने जब मुझसे पूछा कि ‘अरे ओ सांभा कितना इनाम रक्खे है रे सरकार हम पर’ तो मुझसे तो कुछ बोलते ही न बना। किस मुंह से बताता उन्हें कि सरदार अब कोई इनाम नहीं है आप पर! कोई कीमत नहीं रही आपकी! किसी तरह डरते-डरते मैंने उन्हें बताया कि ‘सरदार अब कोई ईनाम नहीं है आप पे! पचास-पचास कोस दूर अब कोई बच्चा भी आपसे नहीं डरता। हाँ, अगर बोल दिया जाए कि केजरीवाल आ जायेगा तो बच्चे डर के मारे तुरंत सो जाते हैं।’ ये सुनते ही सरदार काफी दुखी हो गए। ‘बहुत नाइंसाफी है, बहुत नाइंसाफी है’ कहते हुए वो अपनी खाट पे जाके लेट गए और चींटियां मारने लगे। पिछले दो दिन से ना किसी को गोली से उड़ाया है, ना किसी को सुअर के बच्चों वाली गाली दी है। बस, कोने में बैठे अपने पचास हज़ार वाले पोस्टर को देखते रहते हैं।”

अपने बटुए में सौ-सौ की पत्तियां गिनते हुए सांभा ने आगे बताया, “मतलब कि ओवरऑल सरदार की ब्रांड इक्विटी काफी डाउन हो चुकी है रामगढ और आस पास के एरिया में। पास के गाँव सुजानगढ़ का मशहूर डाकू जगीरा अब उनसे ज़्यादा मशहूर हो गया है क्योंकि उसके सर पे केवल पांच हज़ार का ईनाम है। जो दो दिन में एटीएम से निकाल के दिया जा सकता है।”

श्री गब्बर इस सदमे से कब उबरेंगे, ये कहना तो काफी मुश्किल है क्योंकि उनके गैंग की कमाई भी इस नोटबंदी से काफी कम हो गयी है। पांच सौ और हज़ार के नोट लूट भी लाये तो बेकार और ऊपर से ईनाम हटने के बाद रामगढ़ वालों ने अब अनाज देना भी बंद कर दिया है। कहा जा रहा है कि अब गब्बर चंबल के सम्पूर्ण डाकू समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर वित्तमंत्री जेटली से मिलेंगे और डाकुओं के लिए एटीएम की सीमा ढाई हज़ार रूपये से बढ़ाकर पूरे पचास हज़ार करने की मांग करेंगे।



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