Tuesday, 28th February, 2017
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टूथपेस्ट-विज्ञापनों में लगातार बेइज़्ज़ती से दाँतों-के-कीटाणु नाराज़, कोर्ट से की तुरंत बैन की मांग

30, Mar 2015 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: टूथपेस्ट-विज्ञापनों में अपनी लगातार बेइज़्ज़ती से दाँतों-के-कीटाणुओं में खासा रोष है । स्टेफाइलो-कॉकस-ओरीअस (एस-ओरीअस) परिवार के कीटाणुओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सभी टूथपेस्ट विज्ञापनों पर तुरंत बैन की मांग की है। दन्त कीटाणुओं के इस परिवार ने अपने वकील केयरिचन्द्र वर्मा के द्वारा मीडिया में एक बयान भी जारी किया है:

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दाँतों के कीटाणु

“किसी विज्ञापन में हमें ढिशुम ढिशुम करके पीटा जा रहा है, कहीं हमें मारने के लिए टूथपेस्ट में नमक, निम्बू, आचार न जाने क्या क्या मिलाया जा रहा है। मासूम बच्चो को ये सिखाया जा रहा है के हमसे हमेशा बच के रहे। अजी आपने तो हमें खलनायक बना के रख छोड़ा है। हम भी जीव जंतुओं की श्रेणी में आते हैं और प्रकृति के नियमों के अनुसार अपना रोज़मर्रा का काम करते हैं। आपने कभी ऐसा कोई विज्ञापन देखा है जहाँ घोड़े को दुलत्ती मारने के लिए और चिड़िया को बीट करने के लिए कोसा जा रहा हो? जब ऐसा नहीं है तो हमें दांत सड़ाने के लिए क्यों बार बार क्यो बेइज़्ज़त किया जा रहा है। अब ये सब और बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। हम माननीय न्यायालय की शरण में जायेंगे और न्याय की गुहार करेंगे।”

वकील केयरिचन्द्र वर्मा से जब पुछा गया के आगे न्यायिक प्रक्रिया क्या कुछ मोड़ ले सकती है तो उन्होंने कहा की, “अभी दायर की गयी याचिका में हमने यह मांग की है के पशु अधिकारों के हनन के जुर्म में इन विज्ञापनों तुरंत बैन किया जाए। साथ ही हमने यह भी मांग की है के दन्त-कीटाणुओं की अब तक हुई मानहानि के ऐवज़ में ढाई करोड़ रूपये मुआवज़ा भी दिया जाए । इस रकम इस्तेमाल करके दन्त कीटाणुओं के लिए कीटाणु फार्म लगाये जायेंगे एवं दन्त कीटाणु जच्चा-बच्चा केंद्र भी खोले जायेंगे, जहाँ नवजात कीटाणुओं की देखभाल के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।”

जहाँ दन्त कीटाणु अपने अधिकारों और हितों की मांग कर रहे हैं वहीँ डेंटिस्ट समुदाय इन मांगो को बेबुनियाद बता रहा है । मशहूर दन्त चिकित्सक डाक्टर ऐन. के. पिल्लै ने कीटाणुओं की मांगो को सिरे से खारिज करते हुए कहा के – “ये पुराना कीटाणु लोग दांत सड़ा देता, फिर राइट्स का बात करता। मैं ऐसा बोलता हूँ के सभी कीटाणु लोग का फ़र्ज़ होता इंसान लोगों का प्रोटेक्शन। अभी हम लोग रिसर्च करता ऐसा नया कीटाणु बनाने को जो ये पुराना कीटाणु को खा जाता और हमारा दांत प्रोटेक्ट करता। तब ये सब प्रॉब्लम पूरा खत्म हो जाएगा।”



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