Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

बाबा रामदेव ने बनाई GST समझने की आयुर्वेदिक दवाई, पाँच ख़ुराक लेने से समझ में आ जाएगा पूरा टैक्स

13, Nov 2017 By बगुला भगत

हरिद्वार. योग और बिज़नेस गुरु बाबा रामदेव ने एक ऐसी आयुर्वेदिक दवाई बनाने का दावा किया है, जिससे जीएसटी पूरी तरह से समझ में आ जाता है। बाबाजी का कहना है कि इस आयुर्वेदिक दवा को सुबह-शाम दो चम्मच लेने से एक हफ़्ते में ही व्यक्ति जीएसटी का एक्सपर्ट बन जायेगा।

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‘जीएसटी-प्राश’ लॉन्च करते बाबा रामदेव

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के मुख्यालय में ‘पतंजलि जीएसटी-प्राश’ को लॉन्च करते हुए बाबाजी ने कहा कि “इसमें एलो-वेरा, आँवला, गिलोय, शहद और शिलाजीत का मिश्रण है। साथ ही, इसमें हमने हिमालय की दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ भी मिलाई हैं, जिनका बाबा आपको नाम नहीं बता सकता।” -यह कहकर वो ‘हैं…हैं…हैं’ करके हँसने लगे।

“इसे सुबह-शाम दो चम्मच लेने से एक हफ़्ते के अंदर ही बंदे की समझ में आ जाएगा कि किस चीज़ पर जीएसटी 5 परसेंट है और किस पर 28 परसेंट! बस, इतना ध्यान रखना है कि इसे पतंजलि शहद के साथ लेना है और लेते समय ‘जीएसटी नमो नमः’ मंत्र का उच्चारण करना है। सब कुछ अपने आप दिमाग़ में फ़ीड हो जाएगा।”

यह कहकर उन्होंने शहद के साथ दो चम्मच ‘जीएसटी-प्राश’ लेकर दिखाया और एक ही साँस में 50 चीज़ों का जीएसटी रेट बता दिया। यह देखकर मीडियावालों की आँखें फटी की फटी रह गईं।

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, लॉन्च होते ही ‘पतंजलि जीएसटी-प्राश’ बाज़ार में धूम मचा देगा क्योंकि जीएसटी एक ऐसी पहेली है, जो आज तक किसी की भी समझ में नहीं आई है। यहाँ तक कि वित्त मंत्री जेटली को भी ख़ुद याद नहीं है कि उन्होंने किस प्रोडक्ट पर कितना जीएसटी लगाया है- 5%, 12%, 18% या 28 परसेंट!

इस बीच, केंद्र सरकार ने एलान किया है कि ‘जीएसटी-प्राश’ को ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय कर-स्मरण योजना’ के तहत सभी गाँवों और शहरों में सब्सिडी पर बंटवाया जायेगा। इसके बाद हर देशवासी की समझ में आ जायेगा कि लाल मिर्च पर अलग जीएसटी क्यों है और हल्दी पर अलग क्यों?



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