Friday, 24th February, 2017
चलते चलते

आम्रपानी की 'ग्रीन सिटी' में सचमुच की घास देखकर बेहोश हुआ कस्टमर

07, Apr 2016 By बगुला भगत

दिल्ली-एनसीआर. एक खिलखिलाता बंदा लैपटॉप लेकर घास के हरे-भरे लॉन में औंधा पड़ा है, पीठ पर चढ़कर बेटी शैतानी कर रही है, साइड में वाइफ़ बेटे के साथ हंसती हुई बबल्स उड़ा रही है, बैकग्राउंड में ऊंचे-ऊंचे रिहायशी टावर खड़े हैं -यह सीन आप शायद हर रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के विज्ञापन में देखते होंगे।

ये घास सिर्फ़ मॉडल मे नहीं, असलियत मे भी पायी गई
ये घास सिर्फ़ मॉडल मे नहीं, असलियत मे भी पायी गई

लेकिन ऐसी घास और ऐसी बिल्डिंग सच में मिल जाये तो? तो वही होगा जो जबलपुर के संतोष कुमार के साथ हुआ।

संतोष अपनी पत्नी संगीता के साथ ग्रेटर नोएड (वेस्ट) में अपना फ़्लैट देखने गया था, साथ में आम्रपानी कंपनी का ‘बंदा’ भी था। सोसायटी में पहुंचते ही बहुत सारी घास देखकर संतोष की आंखें चुंधियाने लगीं। उसे चक्कर आने लगे और वो बेहोश होकर गिर पड़ा।

संगीता ने उसके मुंह पर पानी के छींटे मारते हुए कंपनी के बंदे से पूछा- “हमें अब भी सैंपल फ़्लैट दिखा रहे हो भैय्या? तो वो बोला- “नहीं मैडम, आपका अपना असली फ़्लैट है।” “तो फिर यहां इतनी घास क्यूं लगा रखी है? -संगीता ने बस इतना कहा और संतोष को तुरत-फुरत अस्पताल ले गयी।

अस्पताल में संतोष के बेड पर ग्लुकोज की बोतल पकड़कर बैठी संगीता ने बताया कि “एड में और सैंपल फ़्लैट के सामने बगीचा देखने की तो इन्हें बहोत आदत है लेकिन कहीं और घास दिख जाये तो ये अफ़ोर्ड नहीं कर पाते। बिल्डरों के ऑफ़िसों के चक्कर काट-काटकर इन्होंने देश की आधी घास देख ली है।” कहकर वो नर्स को ढूंढने चली गयी।

उधर, इस घटना के बाद केंद्र सरकार भी नींद से जाग गयी है। नये रियल एस्टेट रेगुलेटरी बिल में उसने अब यह शर्त भी जोड़ दी है कि जो भी बिल्डर ‘ग्रीन एवेन्यू’, ‘ग्रीन प्लाजा’, ‘ग्रीन सिटी’, ‘ग्रीन विस्टा’, ‘ग्रीनशायर’, ‘ली गार्डन’ या ‘ली मेडोज’ नाम की सोसायटी बनायेगा, उसे वहां थोड़ी बहुत घास भी लगानी पड़ेगी।

इसके अलावा बिल में फ़िल्म स्टार्स के लिये भी यह शर्त रख दी है कि ‘वे जिस बिल्डिंग का विज्ञापन करेंगे, उन्हें साल में कम से कम दो महीने उसमें रहना पड़ेगा और साइट पर जाकर ग्राहकों की शिकायतें भी सुननी पड़ेंगी।’

इस ख़बर से फ़िल्मी सितारों में हड़कंप मच गया है। ग़ाज़ियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में बन रही ‘ग्रीन वैली’ का प्रचार करने वाले ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने अब सिर्फ़ पान मसाला और जूते-चप्पल की एड करने का फ़ैसला किया है। जब ऋषि से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, “मुझे माफ़ करो यार! मैं ये ही नहीं जानता कि ये ग़ाज़ियाबाद और राजनगर साले हैं कहां!”



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