Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

मंदी की मारी एयरलाइन ने फ्लाइट मेन्यू से पनीर हटाया, परोसेंगे परवल और लौकी की भुजिया

13, Sep 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: मंदी की मार से ग्रसित ‘चिंकारा एयरलाइन्स’ ने ऐलान किया है कि अब उनके फ्लाइट मेन्यू में पनीर और दाल मखनी जैसी महँगी आइटम नहीं रखी जाएँगी। फ्लाइट में अब केवल परवल, लौकी, करेला, टिंडा और भिन्डी जैसी सब्जियां ही परोसी जाएँगी। यही नहीं, नान और लच्छे परांठों की बजाये अब केवल पतले (बिना घी लगाए) फुल्के दिए जायेंगे। और यदि बाँटते बाँटते फुल्के काम पड़ गए तो एयरहोस्टेस एक डबल रोटी का पैकेट फाड़कर दो-दो ब्रेड स्लाइस पैसेंजरों में बाँट देंगी। सलाद में अब ‘एक्सोटिक लेट्यूस एंड लीची’ की जगह नीला प्याज और खीरा दिया जायेगा। पेय पदार्थों में रेड वाइन के बजाये ठंडा रूह अफ़ज़ाह दिया जायेगा, बर्फ डाल के। डेजर्ट में ‘चॉकलेट ब्राउनी विद नट्स’ हटाकर केवल मीठी सौंफ पेश की जाएगी, जो लोगों को खाना पचाने में भी मदद करेगी।

Airlines
लौकी की सब्ज़ी देखकर प्रसन्न होते पैसेंजर

चिंकारा एयरलाइन्स के मालिक और CEO के ससुर श्री शक्ति प्रसाद चिंकारा ने बताया, “देखिये हमारे पैसेंजर वही पनीर, दाल मखनी, नान और वाइन इत्यादि खा पीकर बोर हो चुके थे। They wanted a change actually। इसीलिए हमने ये पूरा मेनू फिर डिजाईन करवाया है, और इसे एक “रूरल टच” दिया है। इसीलिए आपको मेन्यू में ये नयी फ़ूड आइटम नज़र आ रही हैं। हमने तो यहाँ तक सोचा है कि जब विमान तीस हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पे होगा तो एयरहोस्टेस कुछ देर के लिए AC का स्विच बंद कर देंगी। जैसे जैसे केबिन का तापमान बढ़ेगा लोगों को अपने गांव की याद आ जाएगी।”

जब श्री चिंकारा जी से पूछा गया कि कहीं ये सब पैसे बचाने की कवायद तो नहीं, तो वह काफी क्रोधित हो गए। उन्होंने कहा, “देखिये मैं तो अनपरा गांव से हूँ, हमारे लिए पैसेंजर भगवान् से कम नहीं। हम तो ये सब उन्हें एक नया एक्सपीरियंस देने के लिए कर रहे हैं। पैसे की तो इसमें कोई बात ही नहीं है। और जहाँ तक नफे नुकसान की बात है तो हर एयरलाइन नुकसान में ही है। हमारा पिछले क्वाटर का घाटा तो सिर्फ छत्तीस हज़ार करोड़ था, हमारी कॉम्पेटिटर अंगारा एविएशन ने तो पैंतालीस हज़ार करोड़ का नुक्सान झेला है। आप अंगारा एविएशन के मालिक अंगारचन्द जी से जाके बात क्यों नहीं करते। उनके तो चार चार बेटे हैं, तब भी एयरलाइन्स नहीं संभल रही। उन्होंने तो पैसे बचाने के लिए अपने प्लेन के पीछे के दो टॉयलेट ही हटवा दिये हैं और उनकी जगह वहां चार सीटें और जमा दी हैं। उनका बस चले तो प्लेन के हर विंग पे भी तीस पैंतीस सीटें लगवा करके दो दो हज़ार में बेचेंगे।”

जहाँ कुछ पैसेंजर्स ने चिंकारा एयरलाइन्स के “रूरल टच” प्रोग्राम की तारीफ की है वही नामी गिरामी फ्रीक्वेंट फ्लायर श्री रोहेल महासेठ एयरलाइन के इस फैसले से खासे खुश नहीं हैं। Starbucks लाते सिप करते हुए उन्होंने कहा, “मैं तो हफ्ते में दस बारह बार फ्लाई करता हूँ। I virtually stay in the air, मुझे ये फैसला बिलकुल पसंद नहीं। इसी बहाने से साहब पैसों की कटौती की जा रही है लेकिन टिकटों के दाम वहीं के वहीं हैं। थोड़ा “रूरल टच” टिकेट प्राइस में लगा देंगे तो हमारे हज़ारों रूपये बचेंगे। उसके बाद आप अगर मिड फ्लाइट में AC स्विच ऑफ भी कर देंगे तो कोई माइंड नहीं करेगा।”

अंगारा एयरलाइन्स के मालिक श्री अंगारचन्द मखीजा ने प्लेन से टॉयलेट हटाने की बात को सिरे से नकार दिया, पर उन्होंने दबे शब्दों में स्वीकार किया कि एक नए प्रस्ताव के तहत प्लेन में लैवेटौरी का इस्तेमाल करने वालों से एयरहोस्टेस बीस-बीस रुपये का “टॉयलेट शुल्क” वसूल किया करेंगी।



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